22/10/2026
खबरें · संदर्भ · दृष्टिकोण
हिन्दी

संदर्भ के साथ खबरें।
संदर्भ। स्पष्टता। स्रोत।

चर्चित मुद्दे, खबरें और दुनिया को दिशा देने वाले रुझान

पुणे में 22–25 अक्टूबर को ऋत्विक घटक फिल्म महोत्सव, बहाल फिल्मों के साथ अधूरे कामों के अंश भी

लॉ कॉलेज रोड स्थित NFDC–NFAI सभागार में चार दिन का आयोजन होगा। शुरुआत निमाई घोष की ‘छिन्नमूल’ से होगी, जिसमें घटक ने अभिनय किया था।

फिल्म रील और प्रोजेक्टर के सांकेतिक चित्रों के साथ माइक्रोफोन की पुरानी तस्वीर वाला संपादकीय कोलाज।
AI की सहायता से बनाया गया संपादकीय कोलाज। माइक्रोफोन की तस्वीर: Anonimski, 7 दिसंबर 2013, Wikimedia Commons, CC0। यह सांकेतिक तस्वीर है, महोत्सव या ऋत्विक घटक की तस्वीर नहीं; रील और प्रोजेक्टर के चित्र काल्पनिक हैं। https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Microphone_and_cover.JPG · https://creativecommons.org/publicdomain/zero/1.0/

ऋत्विक घटक के सिनेमा को उनके निर्देशन से आगे, अभिनय और पटकथा लेखन तक देखने का अवसर पुणे में मिलेगा। NFDC–राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार भारत ने 22 से 25 अक्टूबर 2026 तक लॉ कॉलेज रोड स्थित अपने सभागार में ‘GHATAK: A RETROSPECTIVE’ आयोजित करने की घोषणा की है।

चार दिन के इस महोत्सव की शुरुआत 22 अक्टूबर को निमाई घोष निर्देशित ‘छिन्नमूल’ (1950) से होगी। घटक इस फिल्म में अभिनेता थे। विभाजन के बाद ग्रामीण समुदायों के विस्थापन पर आधारित यह फिल्म उनके शुरुआती सिनेमाई सफर का हिस्सा है; इसे घटक के निर्देशन की फिल्म समझना सही नहीं होगा।

बहाल फीचर फिल्मों से आगे का कार्यक्रम

आयोजन में ‘नागरिक’, ‘अजांत्रिक’, ‘मेघे ढाका तारा’, ‘कोमल गांधार’, ‘सुवर्णरेखा’, ‘तिताश एकटि नदीर नाम’ और ‘युक्ति तक्को आर गप्पो’ जैसी फिल्मों के 4K में बहाल प्रिंट शामिल हैं। दुर्लभ 35mm प्रिंट, वृत्तचित्र और शैक्षिक लघु फिल्में भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं।

हिंदी सिनेमा में उनके योगदान को ‘मुसाफिर’ और ‘मधुमती’ के जरिए रखा जाएगा। आयोजक के मुताबिक घटक ने ‘मुसाफिर’ की पटकथा में और ‘मधुमती’ की कहानी तथा पटकथा में योगदान दिया था।

अधूरी फिल्मों के बचे अंश भी दिखेंगे

कार्यक्रम में ‘रौंगेर गोलाम’, ‘बगलार बंग दर्शन’, ‘कतो अजानारे’ और मूर्तिकार रामकिंकर बैज पर अधूरी जीवनी फिल्म के सुरक्षित बचे अंश शामिल हैं। राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन के तहत इन अंशों को 2K या 4K में बहाल और डिजिटाइज किया गया है। ये पूर्ण फिल्में नहीं, अधूरे कामों से बची सामग्री है।

बहाली में NFDC–NFAI के पास संरक्षित मूल फिल्म तत्वों और पश्चिम बंगाल राज्य फिल्म अभिलेखागार की सामग्री का उपयोग किया गया। रंग-संयोजन की निगरानी छायाकार अविक मुखोपाध्याय ने की।

21 अक्टूबर की आधिकारिक घोषणा में प्रत्येक प्रदर्शन का समय या प्रवेश शुल्क नहीं दिया गया है। विस्तृत समय-सारणी के लिए दर्शक [email protected] पर लिख सकते हैं या NFDC–NFAI के आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यम देख सकते हैं। इस घोषणा से मुफ्त प्रवेश या सीट उपलब्ध होने की पुष्टि नहीं होती।

स्रोत

  1. NFDC–NFAI: Four-Day Ritwik Ghatak Film Festival in Pune — सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय / PIB मुंबई
  2. पुणे में चार दिवसीय ऋत्विक घटक फिल्म महोत्सव — सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय / PIB दिल्ली