खेल महासंघों के लिए नए सहायता नियम: अंतरराष्ट्रीय आयोजन पर ₹50 करोड़ तक का प्रावधान
संशोधित योजना में भारत में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए सशर्त सहायता है। प्रस्तावों की जाँच खेल सचिव की अध्यक्षता वाली समिति करेगी।

भारत में अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता की मेजबानी करने वाले राष्ट्रीय खेल महासंघों के लिए संशोधित सहायता योजना में ₹50 करोड़ तक का प्रावधान किया गया है। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने 16 अक्टूबर को जारी परिचालन दिशानिर्देशों की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि सहायता आयोजन की प्रकृति, महत्व और उसमें भाग लेने वाले देशों तथा खिलाड़ियों की संख्या पर निर्भर करेगी।
प्रस्ताव की जाँच के बाद सहायता
खेल सचिव की अध्यक्षता वाली विशेष समिति महासंघों के प्रस्तावों का मूल्यांकन करेगी। इसलिए ₹50 करोड़ की सीमा को हर आयोजन के लिए स्वचालित मंजूरी या खिलाड़ियों को सीधे मिलने वाली नकद राशि नहीं माना जा सकता।
सरकार ने 2026–27 से 2030–31 तक योजना जारी रखने के लिए कुल ₹7,386.74 करोड़ के आवंटन को मंजूरी दी है। यह पाँच वर्ष की अवधि का कुल बजट है, किसी एक वर्ष का खर्च नहीं। योजना में राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर, अकादमियों में प्रशिक्षण, खेल विज्ञान सेवाएँ, सहायक कर्मी और अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण का सहयोग भी शामिल है।
विशेष प्रशिक्षण केंद्र बनाने की योजना
मंत्रालय ने खेल विशेष के लिए ओलंपिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना भी बताई है। इनमें आधुनिक उपकरण, कोच और तकनीकी सहायता देने का प्रस्ताव है। घोषणा से यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि ये नए केंद्र अभी खुल चुके हैं।
स्रोत
- राष्ट्रीय खेल महासंघों की सहायता योजना के संशोधित परिचालन दिशानिर्देश, 16 अक्टूबर 2026 — युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय / PIB