24/10/2026
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PLFS में जनवरी 2027 से बदलाव का प्रस्ताव, प्लेटफॉर्म कामगारों के लिए अलग समूह

एनएसओ ने नमूना चयन और प्रश्नावली में संशोधन पर राय मांगी है। प्रस्ताव में अवैतनिक घरेलू व देखभाल के काम की जानकारी और तीन महीने की संक्रमण व्यवस्था भी शामिल है।

सर्वेक्षण फॉर्म, मोबाइल और परिवारों की प्रतीकात्मक रेखाकृति के साथ पुराने माइक्रोफोन का संपादकीय कोलाज
एआई से बनाया गया प्रतीकात्मक संपादकीय कोलाज। माइक्रोफोन की वास्तविक तस्वीर Anonimski ने 7 दिसंबर 2013 को ली थी और CC0 के तहत उपलब्ध है। यह सर्वेक्षण या कामगारों की वास्तविक घटना की तस्वीर नहीं है। https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Microphone_and_cover.JPG · https://creativecommons.org/publicdomain/zero/1.0/

भारत का राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण यानी PLFS में जनवरी 2027 से बदलाव करने का प्रस्ताव लाया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले लोगों को नमूने में बेहतर ढंग से शामिल करने और घर तथा समुदाय के लिए किए जाने वाले अवैतनिक काम की जानकारी जुटाने पर इसका विशेष जोर है।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की 23 अक्टूबर की विज्ञप्ति के अनुसार, 2027–2028 के लिए नए नमूने अद्यतन ढांचे से चुने जाएंगे। एनएसओ ने प्रस्तावित संशोधनों पर नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक व शोध संस्थानों तथा आम लोगों से प्रकाशन की तारीख से 15 दिनों के भीतर टिप्पणियां और सुझाव मांगे हैं। विस्तृत अवधारणा पत्र मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध बताया गया है।

प्लेटफॉर्म कामगारों की पहचान कैसे बदलेगी

एनएसओ के अनुसार, 2026 के अनुभव में मौजूदा व्यवस्था से पर्याप्त संख्या में डिजिटल प्लेटफॉर्म कामगार नमूने में नहीं आ रहे थे। इनके लिए दूसरे चरण में एक अलग नमूना समूह जोड़ने का प्रस्ताव है, जबकि पहले से मौजूद समूहों की संरचना और संयोजन बनाए रखे जाएंगे।

प्रस्तावित व्यवस्था में ग्रामीण क्षेत्रों में चार और शहरी क्षेत्रों में पांच दूसरे चरण के समूह होंगे। हर चयनित प्रथम चरण इकाई में 14 परिवारों से जानकारी ली जाएगी। यह संख्या प्रति चयनित इकाई की है; इसे पूरे देश के सर्वेक्षण का कुल नमूना नहीं माना जा सकता।

परिवार की पहचान के लिए प्रश्नावली में हां या नहीं वाला एक अतिरिक्त प्रश्न होगा। इससे पता किया जाएगा कि निर्धारित संदर्भ अवधि में परिवार के किसी सदस्य ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम किया है या नहीं। यह प्रश्न ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पूछा जाएगा। मंत्रालय डिजिटल प्लेटफॉर्म कामगारों को गिग कामगारों का एक उपसमूह बताता है; दोनों शब्दों को हर स्थिति में एक जैसा नहीं माना गया है।

अवैतनिक काम के नए प्रश्न

प्रश्नावली 10.4 में अपने उपयोग के लिए वस्तुओं का उत्पादन, बिना भुगतान के घरेलू काम और देखभाल, स्वयंसेवा तथा अवैतनिक प्रशिक्षु कार्य की जानकारी जोड़ने का प्रस्ताव है। ये प्रश्न 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों से, ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में, केवल पहली मुलाकात के दौरान पूछे जाएंगे। इनसे इन गतिविधियों पर सालाना रिपोर्टिंग में सहायता मिलने की अपेक्षा है।

यह सर्वेक्षण में अलग-अलग प्रकार के काम को मापने का प्रस्ताव है। विज्ञप्ति किसी नई रोजगार संख्या या अवैतनिक गतिविधियों को कानूनी रूप से रोजगार घोषित करने का फैसला प्रस्तुत नहीं करती।

पहले तीन महीनों में दो ढांचे साथ चलेंगे

पहलूप्रस्तावित व्यवस्था
नए नमूने2027–2028 के लिए अद्यतन ढांचे से नया पैनल 6
संक्रमण अवधिजनवरी से मार्च 2027 तक पुराने पैनल 5 और नए पैनल 6, दोनों के ढांचों की इकाइयां
मासिक बुलेटिनदोनों ढांचों पर आधारित संयुक्त मासिक अनुमान
अनिश्चितता का एक मापइन तीन महीनों में सापेक्ष मानक त्रुटि यानी RSE के अनुमान नहीं दिए जाएंगे

अद्यतन ढांचे में शहरीकरण, प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव और जिलों के बनने, बंटने या विलय जैसी स्थितियों को ध्यान में रखा जाएगा। ग्रामीण जनगणना 2011 के ढांचे के अद्यतन का भी उल्लेख है। मंत्रालय के अनुसार उद्देश्य आबादी का बेहतर प्रतिनिधित्व और आंकड़ों की उपयोगिता बढ़ाना है; यह सुधार का अपेक्षित परिणाम है, पहले से सिद्ध उपलब्धि नहीं।

PLFS 2017 से चल रहा है और जनवरी 2025 में भी उसके नमूना डिजाइन में बदलाव किए गए थे। नए प्रस्ताव पर राय देने वाले पाठक मंत्रालय के अवधारणा पत्र में संशोधित प्रश्नावलियों और अनुमान पद्धति को देखकर अपनी टिप्पणी तैयार कर सकते हैं। इस खबर में 15 दिनों की अवधि को किसी अलग, अपुष्ट अंतिम तारीख या समय में नहीं बदला गया है।

स्रोत

  1. जनवरी 2027 से पीएलएफएस अनुसूची और अनुमान प्रक्रिया में परिवर्तन — विषय पर टिप्पणियां आमंत्रित हैं — राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय / सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, PIB