विदिशा से वित्तीय समावेशन शिविर अभियान शुरू, मध्यप्रदेश में 31 दिसंबर तक चलेगा
अभियान में बीमा-पेंशन योजनाओं के साथ री-केवाईसी, निष्क्रिय खातों और अदावाकृत राशि के दावों पर जानकारी दी जा रही है। पात्रता और स्थानीय शिविर का समय अलग से जांचना होगा।

मध्यप्रदेश में सामाजिक सुरक्षा और बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान शुरू किया गया है। वित्त मंत्रालय की 21 अक्टूबर की विज्ञप्ति के अनुसार, अभियान 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक राज्य की ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में चलेगा। इसका उद्घाटन विदिशा में हुआ।
विदिशा के शुरुआती शिविर में पात्र लोगों के बीमा और पेंशन योजनाओं से जुड़े फॉर्म भरवाए गए और उनके सवालों के जवाब दिए गए। कार्यक्रम में किसान, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, बैंक सखियां और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए।
खाते और सामाजिक सुरक्षा, दोनों पर जोर
कार्यक्रम में री-केवाईसी, निष्क्रिय खातों को दोबारा सक्रिय करने और अदावाकृत राशि के दावे जैसे विषय उठाए गए। डिजिटल धोखाधड़ी के बारे में जागरूकता और ऋण संबंधी प्रक्रियाएं भी चर्चा का हिस्सा रहीं।
वित्तीय साक्षरता सत्र में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की जानकारी दी गई। अलग-अलग योजनाओं को एक ही लाभ या एक समान पात्रता वाला कार्यक्रम मानना सही नहीं होगा।
स्थानीय शिविर की जानकारी पहले लें
विज्ञप्ति पूरे अभियान की अवधि बताती है, लेकिन हर पंचायत या निकाय के शिविर का दिन, समय और पता नहीं देती। इसलिए इच्छुक लोगों को अपने क्षेत्र के बैंक या संबंधित स्थानीय निकाय से कार्यक्रम की जानकारी लेनी चाहिए; विदिशा में उद्घाटन होने का मतलब यह नहीं है कि हर जगह उसी दिन से रोज शिविर लगेगा।
अभियान का लक्ष्य अधिक पात्र लोगों तक योजनाएं पहुंचाना है। शिविर में फॉर्म भरना अपने-आप बीमा दावा मंजूर होने, पेंशन शुरू होने या ऋण स्वीकृत होने की गारंटी नहीं है। संबंधित योजना की शर्तें और बैंक की प्रक्रिया अलग से लागू होंगी।
स्रोत
- विदिशा जिले में वित्तीय समावेशन संतृप्ति शिविर अभियान का शुभारंभ — वित्त मंत्रालय / PIB भोपाल