भारत–इटली: आतंकवाद और उसके वित्तपोषण पर सहयोग बढ़ाने की वार्ता
नई दिल्ली में 6–7 अक्टूबर को भारत और इटली ने सुरक्षा सहयोग की समीक्षा की। आतंकी वित्तपोषण और तकनीकों के दुरुपयोग पर चर्चा हुई; अगली बैठकें रोम में होंगी।

भारत और इटली ने नई दिल्ली में 6–7 अक्टूबर 2026 को हुई दो बैठकों में आतंकवाद, संगठित अपराध और आतंकी वित्तपोषण के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। भारतीय विदेश मंत्रालय की 7 अक्टूबर की विज्ञप्ति के अनुसार, अगली बैठकें इटली की राजधानी रोम में आयोजित करने पर सहमति बनी है। उनकी तारीखें दोनों पक्षों की सुविधा के अनुसार तय की जाएंगी।
दो मंचों पर सुरक्षा सहयोग की समीक्षा
आतंकवाद और संगठित अपराध पर भारत–इटली संयुक्त कार्य समूह की छठी बैठक 6 अक्टूबर को हुई। इसके अगले दिन आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने वाले स्थायी कार्य बल की दूसरी बैठक आयोजित की गई। दोनों देशों की संबंधित एजेंसियों ने इनमें हिस्सा लिया। जनता से रिश्ता की हिंदी रिपोर्ट ने भी मंत्रालय के हवाले से दोनों बैठकों और उनके विषयों की जानकारी दी।
वार्ता की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव, आतंकवाद विरोधी, डॉ. सुहेल एजाज खान और इटली के विदेश मंत्रालय के अधिकारी पाओलो मारी ने की। मारी की जिम्मेदारी जी7–जी20, अंतरराष्ट्रीय खतरों और एकीकृत रणनीति से संबंधित है। इस संवाद में भारत की अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा साझेदारी और एजेंसियों के बीच संपर्क पर ध्यान रहा।
तकनीक के दुरुपयोग और सूचना साझा करने पर चर्चा
मंत्रालय के अनुसार, बातचीत में नशीले पदार्थों की तस्करी तथा क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर उभरते आतंकवादी खतरे शामिल थे। दोनों पक्षों ने सूचना, संचार और वित्तीय तकनीकों को आतंकवादी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने से रोकने में सहयोग मजबूत करने की जरूरत दोहराई।
इन चुनौतियों से निपटने के लिए क्षमता निर्माण और जानकारी के आदान-प्रदान को बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने सीमा पार आतंकवाद सहित आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की और 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले की निंदा दोहराई।
वित्तपोषण पर संयुक्त पहल को आगे बढ़ाने का प्रयास
स्थायी कार्य बल की बैठक का केंद्र आतंकी वित्तपोषण के खिलाफ भारत–इटली संयुक्त पहल के तहत सहयोग था। इसे दोनों प्रधानमंत्रियों ने नवंबर 2025 में जोहान्सबर्ग में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान शुरू किया था। देशबन्धु में प्रकाशित आईएएनएस की हिंदी रिपोर्ट भी इस पृष्ठभूमि और बैठक के उद्देश्य का उल्लेख करती है।
संयुक्त राष्ट्र, वैश्विक आतंकवाद विरोधी मंच यानी जीसीटीएफ और वित्तीय कार्रवाई कार्य बल यानी एफएटीएफ में बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर भी विचार हुआ। भारतीय पाठकों के लिए इस खबर का महत्व विदेश नीति के उस पहलू में है जिसमें सुरक्षा एजेंसियों की सूचना-साझेदारी और आतंकी वित्तपोषण रोकने का प्रयास दूसरे देशों के साथ जुड़ता है।
अगला दौर रोम में
संयुक्त कार्य समूह और स्थायी कार्य बल की अगली बैठकों की मेजबानी रोम करेगा। मंत्रालय ने तारीखों के लिए आपसी सुविधा के आधार पर निर्णय लेने की बात कही है। आगे की प्रगति को इन्हीं संस्थागत संवादों और संबंधित आधिकारिक घोषणाओं से समझा जा सकेगा।
स्रोत
- भारत–इटली संयुक्त कार्य समूह की छठी और स्थायी कार्य बल की दूसरी बैठक — 7 अक्टूबर 2026 — विदेश मंत्रालय, भारत सरकार
- आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ भारत–इटली ने बढ़ाया सहयोग — 7 अक्टूबर 2026 — जनता से रिश्ता
- आतंकवाद और उसके वित्तपोषण पर भारत–इटली के बीच सहयोग मजबूत करने पर जोर — 7 अक्टूबर 2026 — देशबन्धु / आईएएनएस