09/10/2026
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जैव संसाधनों से लाभ साझाकरण: एनबीए को छह महीने में ₹9.68 करोड़ मिले

अप्रैल–सितंबर 2026 में राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण को ₹9.68 करोड़ मिले। कृषि बीज क्षेत्र सबसे बड़ा अंशदाता रहा; प्राप्तियों और समुदायों को वितरण का अंतर समझें।

क्रीम कागज का कोलाज: हरे बीज और टमाटर की सांकेतिक तस्वीर, पौधे और समुदाय की रेखाचित्र शैली, अप्रैल–सितंबर 2026 में लाभ साझाकरण की राशि
सांकेतिक पुरानी तस्वीर: RAJESH misra / PublicDomainPictures.net, CC0। स्रोत में तस्वीर का देश और तारीख नहीं दिए गए हैं; यह एनबीए के भुगतान या किसी खास लेनदेन में इस्तेमाल हुए संसाधनों की तस्वीर नहीं है। कागज का संयोजन और रेखाचित्र ImageGen से बनाए गए हैं।

भारत के जैविक संसाधनों का उपयोग करने वाले कारोबारों से राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) को 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच ₹9.68 करोड़ प्राप्त हुए। पर्यावरण मंत्रालय की 8 अक्टूबर की हिंदी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है। राशि पहुंच एवं लाभ साझाकरण, यानी एबीएस, के ढांचे के तहत मिली।

यह किसानों, स्थानीय समुदायों और जैव विविधता प्रबंधन समितियों से जुड़ा विषय है: संसाधनों के उपयोग से प्राप्त लाभ को संरक्षण और समुदायों तक पहुंचाने की व्यवस्था में कौन-से क्षेत्र योगदान कर रहे हैं?

कृषि बीज क्षेत्र से सबसे बड़ा अंशदान

1 अप्रैल–30 सितंबर 2026 की प्राप्तियां: विज्ञप्ति में बताए गए तीन प्रमुख क्षेत्र
क्षेत्रप्राप्त राशि
कृषि बीज₹7.16 करोड़
खाद्य एवं पेय पदार्थ₹1.59 करोड़
पशुपालन₹62.01 लाख

यह चयनित क्षेत्रों की तालिका है; इसे सभी मदों की पूरी सूची नहीं माना जाना चाहिए। पशुपालन की राशि लाख में और दूसरी दोनों राशियां करोड़ में दी गई हैं।

खेती और जैव संसाधनों का संबंध

गांव जंक्शन की 8 अक्टूबर की रिपोर्ट ने भी सरकारी जानकारी के आधार पर कृषि और बीज क्षेत्र के बड़े हिस्से को सामने रखा। रिपोर्ट में चना, मूंग और भिंडी जैसी फसलों के साथ अश्वगंधा व मुलेठी जैसे औषधीय पौधों और पशुधन संसाधनों के उपयोग का उल्लेख है।

इससे विषय का दायरा स्पष्ट होता है: जैव संसाधनों का उपयोग केवल जंगल की उपज तक सीमित नहीं है। कृषि, खाद्य, औषधीय पौधों और पशुधन से जुड़ी गतिविधियां भी इस घोषणा का हिस्सा हैं।

छह महीने की प्राप्तियां और संचयी वितरण अलग हैं

मंत्रालय के अनुसार, 2008 से एबीएस व्यवस्था में करीब ₹278 करोड़ जुटे हैं। संरक्षण तथा देशभर के समुदायों, किसानों, संस्थानों और अन्य लाभार्थियों के लिए ₹200 करोड़ से अधिक वितरित किए गए हैं। दोनों आंकड़े व्यवस्था के लंबे समय के हैं।

₹9.68 करोड़ इस बार की छह महीने की प्राप्त राशि है। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि यही रकम उसी अवधि में किसानों के खातों में पहुंच गई। प्राप्ति और वितरण अलग चरण हैं; घोषणा में हर लाभार्थी का भुगतान विवरण नहीं दिया गया है।

विज्ञप्ति के मुताबिक, राज्य बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेशों की परिषदों से वितरित धन संरक्षण, जन जैव विविधता रजिस्टरों, स्थानीय समितियों, शोध और दस्तावेजीकरण में सहायता देता है। इस खबर में किसी व्यक्ति के लिए निश्चित भुगतान या आवेदन की नई समयसीमा घोषित नहीं की गई है।

स्रोत

  1. एनबीए को अप्रैल–सितंबर 2026 में एबीएस ढांचे के तहत ₹9.68 करोड़ प्राप्त — 8 अक्टूबर 2026, शाम 8:18 — पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय / PIB
  2. जैव संसाधनों के उपयोग पर छह महीने में कंपनियों ने दिए ₹9.68 करोड़ — 8 अक्टूबर 2026, शाम 8:41 — गांव जंक्शन