लखनऊ में 26–27 अक्टूबर को श्रम संवाद, गिग श्रमिकों की सुरक्षा और चार संहिताओं पर चर्चा
केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार का दो दिवसीय कार्यक्रम श्रम संहिताओं के अनुपालन, गिग व निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और योजनाओं पर केंद्रित होगा। घोषणा में सार्वजनिक पंजीकरण या आयोजन स्थल का पता नहीं दिया गया है।

लखनऊ में 26 और 27 अक्टूबर 2026 को होने वाला राज्य स्तरीय श्रम संवाद नियोक्ताओं और अन्य हितधारकों के लिए श्रम संहिताओं तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े व्यावहारिक सवालों पर केंद्रित होगा। श्रम और रोजगार मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से, दो दिवसीय क्षमता विकास एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा।
मंत्रालय ने 24 अक्टूबर को जारी घोषणा में गिग व प्लेटफॉर्म श्रमिकों, असंगठित क्षेत्र और निर्माण मजदूरों की सुरक्षा से लेकर चार श्रम संहिताओं के अनुपालन तक का एजेंडा दिया है। दोनों दिन उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी भी सत्रों में भाग लेंगे।
पहले दिन सामाजिक सुरक्षा और सेवाओं पर जोर
26 अक्टूबर का विषय श्रम सुधार होगा। श्रम और रोजगार सचिव मुख्य भाषण देंगे। शुरुआती सत्रों में अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता, असंगठित तथा गिग/प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा उपाय और भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों से जुड़ी पहलों पर विचार-विमर्श निर्धारित है।
दिन के दूसरे हिस्से में उत्तर प्रदेश के श्रम और रोजगार मंत्री एक सत्र को संबोधित करेंगे। आगे कर्मचारी राज्य बीमा निगम यानी ईएसआईसी और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ की जानकारी दी जाएगी। ई-श्रम, श्रम सुविधा पोर्टल, समाधान और लेबर स्टैक जैसे डिजिटल मंचों के उपयोग तथा राज्य की कार्यान्वयन व्यवस्थाओं पर भी चर्चा होगी।
दूसरे दिन चार संहिताओं का अनुपालन
27 अक्टूबर के तकनीकी सत्र मजदूरी संहिता, 2019; औद्योगिक संबंध संहिता, 2020; सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020; और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्त संहिता, 2020 के तहत वैधानिक अनुपालनों को समझाने पर केंद्रित होंगे। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी इन सत्रों की अध्यक्षता करेंगे।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना पर विशेष प्रस्तुतियां भी एजेंडे में हैं। बाल श्रम की रोकथाम, बचाव और पुनर्वास, जिला स्तर की निगरानी तथा बाल एवं बंधुआ मजदूरी उन्मूलन की रणनीतियां दूसरे दिन के अन्य विषय हैं।
उद्योग के सवालों के लिए खुली चर्चा
दोनों दिन खुली चर्चा के सत्र रखे गए हैं, जिनमें प्रतिभागी और उद्योग के हितधारक परिचालन संबंधी चिंताएं, नियामक अनुपालन और व्यावहारिक प्रश्न उठा सकेंगे। मंत्रालय के अनुसार उद्देश्य श्रम संहिताओं के प्रावधानों और उनकी प्रयोज्यता को लेकर स्पष्टता बढ़ाना है।
लखनऊ का आयोजन 28 सितंबर 2026 को शुरू हुए 90 दिवसीय राष्ट्रीय श्रम संवाद अभियान का हिस्सा है। मंत्रालय ने इस अभियान में सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 316 जिलों तक पहुंचने तथा औद्योगिक समूहों पर विशेष ध्यान देने की जानकारी दी है। ये आंकड़े पूरे अभियान के दायरे के हैं, लखनऊ कार्यक्रम के प्रतिभागियों की संख्या नहीं।
घोषणा में क्या जानकारी अभी नहीं है
24 अक्टूबर की विज्ञप्ति में लखनऊ के भीतर आयोजन स्थल का पूरा पता, सत्रों के शुरू होने का समय या आम लोगों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया नहीं दी गई है। इसलिए इसे बिना पंजीकरण पहुंचकर भाग लेने का सार्वजनिक निमंत्रण नहीं माना जा सकता।
यह खबर आगामी संवाद और उसके एजेंडे की है। विज्ञप्ति में किसी नए लाभ की व्यक्तिगत पात्रता, आवेदन की नई समय-सीमा या श्रम नियम प्रभावी होने की अलग अधिसूचना नहीं दी गई है। संबंधित संहिताओं और योजनाओं का उल्लेख कार्यक्रम के विषयों के रूप में किया गया है।
स्रोत
- लखनऊ में श्रम संवाद — 24 अक्टूबर 2026 की घोषणा — श्रम और रोजगार मंत्रालय / पत्र सूचना कार्यालय