कोलंबो से रवाना हुआ भारतीय प्रशिक्षण बेड़ा, श्रीलंका नौसेना के साथ किया अभ्यास
आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी ने 29 अक्टूबर को कोलंबो यात्रा पूरी की। प्रशिक्षुओं ने अकादमी दौरे और संयुक्त समुद्री अभ्यास में भाग लिया।

भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन की कोलंबो यात्रा 29 अक्टूबर को समाप्त हुई। आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक जहाज आईसीजीएस सारथी ने श्रीलंका के बंदरगाह से रवाना होते समय स्थानीय नौसेना के एसएलएनएस नंदीमित्र के साथ समुद्री अभ्यास किया। रक्षा मंत्रालय ने 30 अक्टूबर को सुबह 11:27 बजे, भारतीय समयानुसार, जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी।
यात्रा में जहाजों के बीच तालमेल के साथ प्रशिक्षुओं के अनुभव साझा करने पर जोर रहा। मंत्रालय के अनुसार, कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों की बातचीत, नौसैनिक अकादमी का दौरा, जहाजों पर प्रशिक्षण सुविधाओं का परिचय और सामुदायिक गतिविधियां शामिल थीं।
प्रस्थान के साथ समुद्र में संयुक्त अभ्यास
कोलंबो से निकलते समय भारतीय जहाजों और एसएलएनएस नंदीमित्र ने पैसेज अभ्यास, यानी पासेक्स, किया। ऐसे अभ्यास में साथ चल रहे जहाज समुद्र में अपने संचालन का समन्वय करते हैं। मंत्रालय ने बताया कि इस गतिविधि का उद्देश्य दोनों बलों के बीच परिचालन तालमेल और एक साथ काम करने की क्षमता बढ़ाना था।
यह गतिविधि बंदरगाह यात्रा के समापन पर हुई। विज्ञप्ति में इसे प्रशिक्षण और समुद्री सहयोग के हिस्से के रूप में बताया गया है।
प्रशिक्षुओं ने एक-दूसरे की सुविधाएं देखीं
भारतीय समुद्री प्रशिक्षुओं ने त्रिंकोमाली स्थित नौसेना एवं समुद्री अकादमी का दौरा किया और श्रीलंकाई प्रशिक्षुओं से बातचीत की। श्रीलंका नौसेना के कैडेट भी भारतीय स्क्वाड्रन के जहाजों पर पहुंचे, जहां उन्हें प्रशिक्षण सुविधाओं और गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई।
इस आदान-प्रदान से प्रशिक्षुओं को दूसरे देश की प्रशिक्षण व्यवस्था को नजदीक से देखने का अवसर मिला। बंदरगाह पर ठहराव के दौरान स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी और जहाजों के कमांडिंग अधिकारी श्रीलंका नौसेना के पश्चिमी नौसैनिक क्षेत्र के कमांडर से भी मिले।
स्थानीय लोगों के लिए खुले जहाज
यात्रा के दौरान भारतीय नौसैनिकों ने समुद्र तट की सफाई में भाग लिया। जहाज स्थानीय समुदाय के लोगों और भारतीय प्रवासियों सहित आगंतुकों के लिए खोले गए। आगंतुकों को चालक दल से बातचीत करने और प्रशिक्षण व परिचालन गतिविधियों के बारे में जा���ने का अवसर मिला।
रक्षा मंत्रालय ने इस यात्रा को भारत-श्रीलंका समुद्री साझेदारी और क्षेत्रीय क्षमता निर्माण से जोड़ा है। भारतीय पाठकों के लिए इसका प्रमुख पहलू प्रशिक्षुओं का व्यावहारिक अनुभव तथा पड़ोसी देश की नौसेना के साथ नियमित पेशेवर संपर्क है। कोलंबो से प्रस्थान और अभ्यास 29 अक्टूबर को हुए थे; उनका आधिकारिक विवरण 30 अक्टूबर को प्रकाशित हुआ है।
स्रोत
- भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन कोलंबो, श्रीलंका से रवाना — रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार — पत्र सूचना कार्यालय